Us Mulk Ki Sarhad Ko
🎵 2442 characters
⏱️ 4:15 duration
🆔 ID: 6170140
📜 Lyrics
उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता
जिस मुल्क की सरहद की निगहबान है आँखें
हर तरह के जज़्बात का ऐलान है आँखें
हर तरह के जज़्बात का ऐलान है आँखें
शबनम, कभी शोला, कभी तूफ़ान है ऑंखें
शबनम, कभी शोला, कभी तूफ़ान है ऑंखें
आँखों से बड़ी कोई तराज़ू नहीं होती
आँखों से बड़ी कोई तराज़ू नहीं होती
तुलता है बशर जिसमें वो मीज़ान है ऑंखें
तुलता है बशर जिसमें वो मीज़ान है ऑंखें
ऑंखें ही मिलाती हैं ज़माने में दिलों को
ऑंखें ही मिलाती हैं ज़माने में दिलों को
अनजान हैं हम-तुम, अगर अनजान है ऑंखें
होय, अनजान हैं हम-तुम, अगर अनजान है ऑंखें
लब कुछ भी कहें, उससे हक़ीक़त नहीं खुलती
लब कुछ भी कहें, उससे हक़ीक़त नहीं खुलती
इंसान के सच-झूठ की पहचान है ऑंखें
इंसान के सच-झूठ की पहचान है ऑंखें
ऑंखें ना झुकें तेरी किसी ग़ैर के आगे
ऑंखें ना झुकें तेरी किसी ग़ैर के आगे
दुनिया में बड़ी चीज़, मेरी जान, है आँखें
होय, दुनिया में बड़ी चीज़, मेरी जान, है आँखें
उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता
उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता
जिस मुल्क की सरहद की निगहबान है आँखें
जिस मुल्क की सरहद की निगहबान है आँखें
जिस मुल्क की सरहद की निगहबान है आँखें
हर तरह के जज़्बात का ऐलान है आँखें
हर तरह के जज़्बात का ऐलान है आँखें
शबनम, कभी शोला, कभी तूफ़ान है ऑंखें
शबनम, कभी शोला, कभी तूफ़ान है ऑंखें
आँखों से बड़ी कोई तराज़ू नहीं होती
आँखों से बड़ी कोई तराज़ू नहीं होती
तुलता है बशर जिसमें वो मीज़ान है ऑंखें
तुलता है बशर जिसमें वो मीज़ान है ऑंखें
ऑंखें ही मिलाती हैं ज़माने में दिलों को
ऑंखें ही मिलाती हैं ज़माने में दिलों को
अनजान हैं हम-तुम, अगर अनजान है ऑंखें
होय, अनजान हैं हम-तुम, अगर अनजान है ऑंखें
लब कुछ भी कहें, उससे हक़ीक़त नहीं खुलती
लब कुछ भी कहें, उससे हक़ीक़त नहीं खुलती
इंसान के सच-झूठ की पहचान है ऑंखें
इंसान के सच-झूठ की पहचान है ऑंखें
ऑंखें ना झुकें तेरी किसी ग़ैर के आगे
ऑंखें ना झुकें तेरी किसी ग़ैर के आगे
दुनिया में बड़ी चीज़, मेरी जान, है आँखें
होय, दुनिया में बड़ी चीज़, मेरी जान, है आँखें
उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता
उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता
जिस मुल्क की सरहद की निगहबान है आँखें
जिस मुल्क की सरहद की निगहबान है आँखें
⏱️ Synced Lyrics
[00:08.31] उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता
[00:14.54] जिस मुल्क की सरहद की निगहबान है आँखें
[00:20.24]
[00:41.62] हर तरह के जज़्बात का ऐलान है आँखें
[00:47.11] हर तरह के जज़्बात का ऐलान है आँखें
[00:52.26] शबनम, कभी शोला, कभी तूफ़ान है ऑंखें
[00:57.37] शबनम, कभी शोला, कभी तूफ़ान है ऑंखें
[01:03.24]
[01:07.96] आँखों से बड़ी कोई तराज़ू नहीं होती
[01:13.11] आँखों से बड़ी कोई तराज़ू नहीं होती
[01:18.28] तुलता है बशर जिसमें वो मीज़ान है ऑंखें
[01:23.42] तुलता है बशर जिसमें वो मीज़ान है ऑंखें
[01:28.48]
[01:33.80] ऑंखें ही मिलाती हैं ज़माने में दिलों को
[01:39.43] ऑंखें ही मिलाती हैं ज़माने में दिलों को
[01:44.42] अनजान हैं हम-तुम, अगर अनजान है ऑंखें
[01:49.27] होय, अनजान हैं हम-तुम, अगर अनजान है ऑंखें
[01:54.87]
[01:59.10] लब कुछ भी कहें, उससे हक़ीक़त नहीं खुलती
[02:05.00] लब कुछ भी कहें, उससे हक़ीक़त नहीं खुलती
[02:10.21] इंसान के सच-झूठ की पहचान है ऑंखें
[02:15.32] इंसान के सच-झूठ की पहचान है ऑंखें
[02:20.97]
[02:25.82] ऑंखें ना झुकें तेरी किसी ग़ैर के आगे
[02:31.41] ऑंखें ना झुकें तेरी किसी ग़ैर के आगे
[02:36.19] दुनिया में बड़ी चीज़, मेरी जान, है आँखें
[02:41.06] होय, दुनिया में बड़ी चीज़, मेरी जान, है आँखें
[02:47.04]
[02:59.67] उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता
[03:07.54] उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता
[03:12.12] जिस मुल्क की सरहद की निगहबान है आँखें
[03:17.27] जिस मुल्क की सरहद की निगहबान है आँखें
[03:23.32]
[00:14.54] जिस मुल्क की सरहद की निगहबान है आँखें
[00:20.24]
[00:41.62] हर तरह के जज़्बात का ऐलान है आँखें
[00:47.11] हर तरह के जज़्बात का ऐलान है आँखें
[00:52.26] शबनम, कभी शोला, कभी तूफ़ान है ऑंखें
[00:57.37] शबनम, कभी शोला, कभी तूफ़ान है ऑंखें
[01:03.24]
[01:07.96] आँखों से बड़ी कोई तराज़ू नहीं होती
[01:13.11] आँखों से बड़ी कोई तराज़ू नहीं होती
[01:18.28] तुलता है बशर जिसमें वो मीज़ान है ऑंखें
[01:23.42] तुलता है बशर जिसमें वो मीज़ान है ऑंखें
[01:28.48]
[01:33.80] ऑंखें ही मिलाती हैं ज़माने में दिलों को
[01:39.43] ऑंखें ही मिलाती हैं ज़माने में दिलों को
[01:44.42] अनजान हैं हम-तुम, अगर अनजान है ऑंखें
[01:49.27] होय, अनजान हैं हम-तुम, अगर अनजान है ऑंखें
[01:54.87]
[01:59.10] लब कुछ भी कहें, उससे हक़ीक़त नहीं खुलती
[02:05.00] लब कुछ भी कहें, उससे हक़ीक़त नहीं खुलती
[02:10.21] इंसान के सच-झूठ की पहचान है ऑंखें
[02:15.32] इंसान के सच-झूठ की पहचान है ऑंखें
[02:20.97]
[02:25.82] ऑंखें ना झुकें तेरी किसी ग़ैर के आगे
[02:31.41] ऑंखें ना झुकें तेरी किसी ग़ैर के आगे
[02:36.19] दुनिया में बड़ी चीज़, मेरी जान, है आँखें
[02:41.06] होय, दुनिया में बड़ी चीज़, मेरी जान, है आँखें
[02:47.04]
[02:59.67] उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता
[03:07.54] उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता
[03:12.12] जिस मुल्क की सरहद की निगहबान है आँखें
[03:17.27] जिस मुल्क की सरहद की निगहबान है आँखें
[03:23.32]