Kaun Aaya Ki Nigahon Mein
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⏱️ 4:28 duration
🆔 ID: 4843830
📜 Lyrics
कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
कौन आया
किसके आने की ख़बर ले के हवाएँ आईं
किसके आने की ख़बर ले के हवाएँ आईं
जिस्म से फूल चटकने की सदाएँ आईं
जिस्म से फूल चटकने की सदाएँ आईं
रूह खिलने लगी रूह खिलने लगी
साँसों में महक जाग उठी
दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
कौन आया
किसने ये मेरी तरफ़ देख के बाँहें खोलीं
किसने ये मेरी तरफ़ देख के बाँहें खोलीं
शोख़ जज़्बात ने सीने में निगाहें खोलीं
शोख़ जज़्बात ने सीने में निगाहें खोलीं
होंठ तपने लगे होंठ तपने लगे
ज़ुल्फ़ों में लचक जाग उठी
दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
कौन आया
किसके हाथों ने मेरे हाथों से कुछ माँगा है
किसके हाथों ने मेरे हाथों से कुछ माँगा है
किसके ख़्वाबों ने मेरी रातों से कुछ माँगा है
किसके ख़्वाबों ने मेरी रातों से कुछ माँगा है
साज़ बजने लगेसाज़ बजने लगे
आँचल में खनक जाग उठी
दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
कौन आया
दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
कौन आया
किसके आने की ख़बर ले के हवाएँ आईं
किसके आने की ख़बर ले के हवाएँ आईं
जिस्म से फूल चटकने की सदाएँ आईं
जिस्म से फूल चटकने की सदाएँ आईं
रूह खिलने लगी रूह खिलने लगी
साँसों में महक जाग उठी
दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
कौन आया
किसने ये मेरी तरफ़ देख के बाँहें खोलीं
किसने ये मेरी तरफ़ देख के बाँहें खोलीं
शोख़ जज़्बात ने सीने में निगाहें खोलीं
शोख़ जज़्बात ने सीने में निगाहें खोलीं
होंठ तपने लगे होंठ तपने लगे
ज़ुल्फ़ों में लचक जाग उठी
दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
कौन आया
किसके हाथों ने मेरे हाथों से कुछ माँगा है
किसके हाथों ने मेरे हाथों से कुछ माँगा है
किसके ख़्वाबों ने मेरी रातों से कुछ माँगा है
किसके ख़्वाबों ने मेरी रातों से कुछ माँगा है
साज़ बजने लगेसाज़ बजने लगे
आँचल में खनक जाग उठी
दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
कौन आया
⏱️ Synced Lyrics
[00:46.95] कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
[00:51.85] दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
[00:57.35] कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
[01:02.15] दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
[01:07.68] कौन आया
[01:20.02] किसके आने की ख़बर ले के हवाएँ आईं
[01:25.22] किसके आने की ख़बर ले के हवाएँ आईं
[01:30.53] जिस्म से फूल चटकने की सदाएँ आईं
[01:35.68] जिस्म से फूल चटकने की सदाएँ आईं
[01:46.23] रूह खिलने लगी रूह खिलने लगी
[01:52.30] साँसों में महक जाग उठी
[01:55.52] दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
[02:00.73] कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
[02:05.88] दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
[02:11.07] कौन आया
[02:24.05] किसने ये मेरी तरफ़ देख के बाँहें खोलीं
[02:29.19] किसने ये मेरी तरफ़ देख के बाँहें खोलीं
[02:34.43] शोख़ जज़्बात ने सीने में निगाहें खोलीं
[02:40.07] शोख़ जज़्बात ने सीने में निगाहें खोलीं
[02:50.16] होंठ तपने लगे होंठ तपने लगे
[02:56.05] ज़ुल्फ़ों में लचक जाग उठी
[02:59.63] दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
[03:04.95] कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
[03:10.04] दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
[03:15.30] कौन आया
[03:28.36] किसके हाथों ने मेरे हाथों से कुछ माँगा है
[03:33.47] किसके हाथों ने मेरे हाथों से कुछ माँगा है
[03:38.51] किसके ख़्वाबों ने मेरी रातों से कुछ माँगा है
[03:44.28] किसके ख़्वाबों ने मेरी रातों से कुछ माँगा है
[03:54.65] साज़ बजने लगेसाज़ बजने लगे
[04:00.31] आँचल में खनक जाग उठी
[04:03.73] दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
[04:08.91] कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
[04:14.47] दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
[04:19.70] कौन आया
[04:23.19]
[00:51.85] दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
[00:57.35] कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
[01:02.15] दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
[01:07.68] कौन आया
[01:20.02] किसके आने की ख़बर ले के हवाएँ आईं
[01:25.22] किसके आने की ख़बर ले के हवाएँ आईं
[01:30.53] जिस्म से फूल चटकने की सदाएँ आईं
[01:35.68] जिस्म से फूल चटकने की सदाएँ आईं
[01:46.23] रूह खिलने लगी रूह खिलने लगी
[01:52.30] साँसों में महक जाग उठी
[01:55.52] दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
[02:00.73] कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
[02:05.88] दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
[02:11.07] कौन आया
[02:24.05] किसने ये मेरी तरफ़ देख के बाँहें खोलीं
[02:29.19] किसने ये मेरी तरफ़ देख के बाँहें खोलीं
[02:34.43] शोख़ जज़्बात ने सीने में निगाहें खोलीं
[02:40.07] शोख़ जज़्बात ने सीने में निगाहें खोलीं
[02:50.16] होंठ तपने लगे होंठ तपने लगे
[02:56.05] ज़ुल्फ़ों में लचक जाग उठी
[02:59.63] दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
[03:04.95] कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
[03:10.04] दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
[03:15.30] कौन आया
[03:28.36] किसके हाथों ने मेरे हाथों से कुछ माँगा है
[03:33.47] किसके हाथों ने मेरे हाथों से कुछ माँगा है
[03:38.51] किसके ख़्वाबों ने मेरी रातों से कुछ माँगा है
[03:44.28] किसके ख़्वाबों ने मेरी रातों से कुछ माँगा है
[03:54.65] साज़ बजने लगेसाज़ बजने लगे
[04:00.31] आँचल में खनक जाग उठी
[04:03.73] दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
[04:08.91] कौन आया कि निगाहों में चमक जाग उठी
[04:14.47] दिल के सोए हुए तारों में खनक जाग उठी
[04:19.70] कौन आया
[04:23.19]